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Haryana Sanskrit Akademi has announced awards for the year 2014, 2015 and 2016.

Chandigarh, Jan 24 –   Haryana Sanskrit Akademi has announced awards to honour eminent Sanskrit scholars and litterateur of the state images-2
While stating this here today, a spokesman of the Akademi said that Haryana Sanskrit Gaurav Samman which carries prize money of Rs two lakh each for year 2014,  2015  and 2016 would be conferred upon renowned Sanskrit scholars from Panchkula, Dr Mathura Dutt Pandey, Pt. Shivnarian Shastri of Bhiwani and Acharya Mahavir Prasad Sharma of Karnal respectively.
He said that Maharishi Valmiki Samman would be conferred upon Prof.  Shrikrishan Sharma for year 2014, Prof. Kamla Bhardwaj for year 2015 and Prof. Bhim Singh for year 2016. Each award carries a cash prize of Rs1.5 lakh.
Similarly, Prof. Rajeshwar Prasad Mishr, Dr Satyapal Sharma, and Mr Satyanarian Sharma would be awarded with Maharishi Vedvyas Samman for year 2014, 2015 and 2016 respectively. Each award carries a cash prize of Rs1.5 lakh.
Mahakavi Baanbhatt Samman of Rs one lakh each, for 2014 would be given to Dr  Mithilesh Sharma Shastri, for year 2015 to Dr Hariprakash Sharma and for 2016 to Mr Tularam Shastri Sharma.
Vidhyamartand Pandit Sitaram Shastri Acharya Samman, carries Rs one lakh each, for year 2014 and 2015 would be conferred upon Mrs Suman Sharma, Principal of Haryana Shekhawati Brhamcharyaashram, Bhiwani and Mrs Pramod Sharma Principal of Swami Shankar Chaitnanya Bharti Sanskrit College, Srikrishan Dham, Kurukshetra respectively.
The Akademi would present Guru Virjanand Acharya Samman of Rs one lakh each for year 2015 to Mr Om Prakash Kaushik of Mr Lajjaram Sanskrit College, Jind, whereas similar award for year 2016 would be given to Acharya Vidhyavati, Sri Ranjit Smarak, Shanti Niketan Kanya Gurukul, Lovakalan, Bahadurgarh, Jhajjar.
While Pandit Yudhistir Mimansak Sanskrit Samaradhak Samman for year 2015 would be given to Acharya Rajwanti, Sri Ranjit Smarak, Shanti Niketan Kanya Gurukul, Lovakalan, Bahadurgarh, Jhajjar, the same for year 2016 would be conferred upon Acharya Vedvrat Shashtri, Shruit Vigyan Acharyakulam Gram Chapra, Shahbad, Kurukshetra. These samman carries prize money of Rs one lakh each.
Swami Dharamdev Sanskrit Samaradhak Samman for year 2014 would be given to Sri Ranjit Smarak, Shanti Niketan Kanya Gurukul, Lovakalan, Bahadurgarh, Jhajjar, whereas the same for year 2015 and 2016 would be bestowed to Sri Lajjaram Sanskrit College, Jind and Shruit Vigyan Acharyakulam Gram Chapra, Shahbad, Kurukshetra respectively. The award carries prize money of Rs one lakh each.
The Akademi has also announced the name of winners under the Pustak Puraskar Yojna. Under Gadhya Vidha category, the award for year 2014 would be given to Dr. Balwant Singh for Swami Dayanand Charitam book and for year 2015 to Dr Satyapal Sharma for Virangna Dwadashkam. Under Padhya Vidha category, Haryandarshanam authored by Mr Suraj Kumar, Indraveshoshnishad of Dr Dharamvir Kundu and Gurugorviyam authored by Dr Hari Singh have been selected for year 2014, 2015 and 2016 respectively. Similarly, under Natak Vidha category, Kumaryamba authored by Dr Mithlesh Sharma have been selected for award for year 2016. Each award carries a prize money of Rs31,000 each.
Under Pustak Prakashan Sahayta Anudaan, two books titled Atmsampada and Sanskrit Gadyaratanmala authored by Dr Jitender Kumar has been selected for award.

हरियाणा संस्कृत अकादमी ने वर्ष 2014, 2015 और 2016 के पुरस्कार घोषित किए

चंडीगढ़, (ईशान टाइम्स ) – हरियाणा संस्कृत अकादमी ने प्रदेश के प्रख्यात संस्कृत विद्वानों और साहित्यकारों के सम्मान के लिए वर्ष 2014, 2015 और 2016 के पुरस्कार घोषित किए हैं ।
अकादमी के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014, 2015 और 2016 के लिए हरियाणा संस्कृत गौरव सम्मान पंचकूला के डॉ. मथुरा दत्त पाण्डेय, भिवानी के पंडित शिवनारायण शास्त्री और करनाल के आचार्य महावीर प्रसाद शर्मा को दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत दो-दो लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि सम्मान वर्ष 2014 के लिए प्रो. श्रीकृष्ण शर्मा, वर्ष 2015 के लिए प्रो. कमला भारद्वाज और वर्ष 2016 के लिए प्रोफेसर भीम सिंह को दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।
          इसी तरह, महर्षि वेद व्यास सम्मान वर्ष 2014, 2015 और 2016 के लिए क्रमश:  प्रो. राजेश्वर प्रसाद मिश्र, डॉ. सत्यपाल शर्मा और श्री सत्यनारायण शर्मा को दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। 
महाकवि बाणभट्ट सम्मान वर्ष 2014 के लिए डॉ. मिथिलेश शर्मा शास्त्री, वर्ष 2015 के लिए डॉ. हरिप्रकाश शर्मा और 2016 के लिए श्री तुलाराम शास्त्री शर्मा को दिया जाएगा जिसमें एक-एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।  
विद्यामार्तण्ड पंडित सीताराम शास्त्री आचार्य सम्मान वर्ष 2014 के लिए हरियाणा शेखावटी ब्रह्मïचर्याश्रम भिवानी की प्राचार्या श्रीमती सुमन शर्मा तथा वर्ष 2015 के लिए स्वामी शंकर चैतन्य भारती संस्कृत महाविद्यालय, श्रीकृष्ण धाम,कुरुक्षेत्र की प्राचार्या श्रीमती प्रमोद शर्मा को दिया जाएगा जिसके तहत एक-एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।  
 एक-एक लाख रुपये का गुरु विरजानंद आचार्य सम्मान वर्ष 2015 के लिए श्री लज्जाराम संस्कृत महाविद्यालय, जींद के श्री ओम प्रकाश कौशिक को जबकि वर्ष 2016 के लिए शांति निकेतन कन्या गुरुकुल,लोवाकलां, बहादुरगढ़, झज्जर की आचार्या विद्यावती को दिया जाएगा। 
पंडित युधिष्ठिर मीमांसक संस्कृत समाराधक सम्मान वर्ष 2015 के लिए शांति निकेतन कन्या गुरुकुल, लोवाकलां, बहादुरगढ़, झज्जर की आचार्या राजवंती को जबकि वर्ष 2016 के लिए श्रुति विज्ञान आचार्यकुलम ग्राम छपरा, शाहबाद, कुरुक्षेत्र के आचार्य वेदव्रत शास्त्री को दिया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए एक-एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।      
स्वामी धर्मदेव संस्कृत समाराधक सम्मान वर्ष 2014 के लिए शांति निकेतन कन्या गुरुकुल, लोवाकलां, बहादुरगढ़, झज्जर के श्री रणजीत स्मारक को जबकि वर्ष 2015 और 2016 के लिए यह क्रमश: श्री लज्जाराम संस्कृत महाविद्यालय, जींद तथा श्रुति विज्ञान आचार्यकुलम ग्राम छपरा, शाहबाद, कुरुक्षेत्र को दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत एक-एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।       
अकादमी ने पुस्तक पुरस्कार योजना के तहत विजेताओं के नाम भी घोषित किये हैं। गद्य विद्या श्रेणी के तहत वर्ष 2014 के लिए पुरस्कार स्वामी दयानंद चरितम पुस्तक के लिए  डॉ. बलवंत सिंह को और वर्ष 2015 के लिए वीरांगना द्वादशकम पुस्तक के लिए डॉ. सत्यपाल शर्मा को दिया जाएगा। पद्य विद्या श्रेणी के तहत वर्ष 2014, 2015 और 2016 के लिए क्रमश:  श्री सूरज कुमार द्वारा लिखित पुस्तक हर्याणदर्शनम, डॉ. धर्मवीर कुंडू की इन्द्रवेशोपनिषद और डॉ. हरि सिंह द्वारा रचित गुरुगौरवीयम को चुना गया है। इसी तरह, नाटक विद्या श्रेणी के अंतर्गत वर्ष 2016 के लिए पुरस्कार हेतू डॉ. मिथलेश शर्मा द्वारा लिखित कुमार्याम्बा को चुना गया है। प्रत्येक पुरस्कार के तहत 31,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी।       
पुस्तक प्रकाशन सहायता अनुदान के अंतर्गत पुरस्कार के लिए डॉ. जितेंद्र कुमार द्वारा लिखित आत्मसम्पदा और संस्कृत गद्यरत्नमाला पुस्तकों को चुना गया है।

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